सर्वोच्च न्यायालय ने आज स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया में पहचान सत्यापन के लिए 10वीं कक्षा का प्रवेश पत्र उत्तीर्ण प्रमाण पत्र के साथ पूरक दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची तथा न्यायमू्र्त विपुल एम. पंचोली की पीठ ने यह आदेश पारित किया। वरिष्ठ अधिवक्ता डी.एस. नायडू ने इस मामले को न्यायालय के समक्ष उठाया था।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने यह चिंता जताई कि क्या कक्षा 10वीं के प्रवेश पत्र को एक स्वतंत्र पहचान दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जा सकता है। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इसे केवल उत्तीर्ण प्रमाण पत्र के साथ पूरक दस्तावेज के रूप में ही उपयोग किया जा सकता है।