सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि कल साउथ ब्लॉक में मंत्रिमंडल की आखिरी बैठक हुई थी। नई दिल्ली में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए श्री वैष्णव ने कहा कि अब मंत्रिमंडल की बैठकें सेवा तीर्थ में होंगी। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें कहा गया कि साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक का निर्माण अंग्रेजों ने भारतीयों को गुलामी की जंजीरों में जकड़े रखने के लिए किया था।
प्रस्ताव में यह भी बताया गया कि स्वतंत्रता के बाद साउथ ब्लॉक में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए और यह न्यूनतम सरकार, अधिकतम सुशासन के दृष्टिकोण के लिए प्रेरणा का स्रोत बना, जिसमें डिजिटल इंडिया और जीएसटी जैसे महत्वपूर्ण सुधार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय भी साउथ ब्लॉक से ही लिए गए थे। श्री वैष्णव ने कहा कि नॉर्थ और साउथ ब्लॉक अब युग युगीन भारत संग्रहालय का हिस्सा बनेंगे।
कल हुई मंत्रिमंडल की बैठक में नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन तक नोएडा मेट्रो रेल परियोजना के 11.56 किलोमीटर लंबे और 8 एलिवेटेड स्टेशनों वाले एक्सटेंशन कॉरिडोर को मंजूरी दी गई। इस कॉरिडोर के चालू होने से नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 61.62 किलोमीटर का मेट्रो रेल नेटवर्क शुरू हो जाएगा। मंत्रिमंडल ने एक लाख करोड़ रुपये की कुल केंद्रीय सहायता के साथ अर्बन चैलेंज फंड के शुभारंभ को भी मंजूरी दी।
केंद्रीय सहायता परियोजना, लागत का 25 प्रतिशत कवर करेगी, इसके लिए परियोजना लागत का न्यूनतम 50 प्रतिशत बाजार से उपलब्ध कराना आवश्यक है। इससे अगले पांच वर्ष में शहरी क्षेत्र में कुल चार लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा। यह अनुदान-आधारित वित्तपोषण के स्थान पर बाजार-आधारित, सुधार-संचालित और परिणाम-उन्मुख अवसंरचना निर्माण की ओर देश के शहरी विकास दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा। इसका उद्देश्य लचीले, उत्पादक, समावेशी और जलवायु-अनुकूल शहरों का निर्माण करना है, ताकि वे देश के आर्थिक विकास के प्रमुख चालक बन सकें।
भारत के बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम को एक बड़ा प्रोत्साहन देते हुए मंत्रिमंडल ने स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स के दूसरे चरण की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इसके लिए कुल 10 हजार करोड़ रुपये का कोष आवंटित किया गया है। इसका उद्देश्य देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढावा देने के लिए पूंजी जुटाना है। यह योजना दीर्घकालिक घरेलू पूंजी जुटाकर इकोसिस्टम को मजबूत करने और पूरे देश में नवाचार-आधारित उद्यमिता को समर्थन देकर देश के स्टार्टअप सफर के अगले चरण को गति प्रदान करना है।