वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने कहा कि भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। इस वर्ष विकास दर 6.8 से 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडल – एसोचैम द्वारा केंद्रीय बजट 2026-27 पर नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में श्री नागराजू ने कहा कि वैश्विक विकास में चीन के बाद भारत का योगदान सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि भारतीय उद्योगों ने अमरीका के अलावा यूरोप, लैटिन अमरीका और अफ्रीका जैसे विविध निर्यात बाजारों में विस्तार किया है, जिससे जोखिम कम हुआ है। सचिव ने बताया कि सरकारी गारंटी योजनाओं के समर्थन से कृषि में 10 प्रतिशत और लघु तथा मध्यम उद्यमों-एम.एस.एम.ई में 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने निजी क्षेत्र से डेटा केंद्रों, वित्तीय सेवाओं, एम.एस.एम.ई और ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की अपील की। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बारे में श्री नागराजू ने कहा कि समझौते से व्यापार संबंधों बेहतर होंगे और दोनों देशों के बीच औद्योगिक क्षमता के विस्तार को प्रोत्साहन मिलेगा।
आकाशवाणी समाचार से विशेष बातचीत में एसोचैम के अध्यक्ष निर्मल के. मिंडा ने भारत-अमरीका व्यापार समझौते को एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि अमरीका द्वारा भारतीय निर्यात पर शुल्का घटाकर 18 प्रतिशत करने से भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। श्री मिंडा ने कहा कि इस समझौते से ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इससे कपड़ा, जूते और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को मजबूती मिलेगी और भारत तथा अमरीका के बीच द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग बढ़ेगा।