विश्व आर्थिक मंच ने कहा है कि भारत में स्किल एक्सेलेरेटर के शुभारंभ से 45 राष्ट्रीय एक्सेलेरेटरों का वैश्विक नेटवर्क और भी सशक्त हुआ है। इससे लगभग डेढ़ करोड़ लोगों को सहायता मिली है।
स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित 56वें वार्षिक सम्मेलन के समापन पर, विश्व आर्थिक मंच ने कहा कि भारत एक्सेलेरेटर समान कौशल विकास में आने वाली बाधाओं को दूर करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। कार्यबल कौशल विकास में निवेश करने की प्रमुख वैश्विक प्रतिबद्धताओं की घोषणा करते हुए, मंच ने कहा कि ये एक्सेलेरेटर सरकारों, व्यवसायों और लेागों को एक साथ लाते हैं ताकि वैश्विक अंतर्दृष्टि को रोजगार, कौशल विकास और समावेशी आर्थिक विकास पर देश-विशिष्ट कार्रवाई में परिवर्तित किया जा सके।
विश्व आर्थिक मंच ने बताया कि उसकी ‘रीस्किलिंग रेवोल्यूशन’ पहल विश्व स्तर पर 8 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंची है। इससे यह एक करोड़ लोगों को कौशल, शिक्षा और आर्थिक अवसरों तक बेहतर पहुंच प्रदान करने के बेहद करीब पहुंच रहा है। इस पहल के तहत, 25 से अधिक प्रौद्योगिकी कंपनियों ने एआई टूल्स, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों तक पहुंच प्रदान करके 12 करोड़ श्रमिकों का समर्थन करने का वादा किया है।
इसके अलावा, भारत ने उद्योग-अनुकूल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को तेजी से विस्तारित करने और लाखों श्रमिकों की रोजगार क्षमता में सुधार लाने के उद्देश्य से एक नया राष्ट्रीय कौशल त्वरण कार्यक्रम शुरू किया है।