भारत में सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह में पिछले दस वर्षों में दौ सौ चौहत्तर प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि वर्ष 2013-14 और 2024-25 के बीच कर विभाग द्वारा दिये गए रिफंड में चार सौ चौहत्तर प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सूत्रों ने बताया कि इस अवधि के दौरान करदाताओं की संख्या एक सौ तैंतीस प्रतिशत बढी है।
कर रिफंड जारी करने का औसत समय 2013 में 93 दिन से घटकर 2024 में केवल 17 दिन हो गया है। पिछले दशक में कर प्रशासन में यह परिवर्तन पूर्ण रूप से ऑनलाइन फाइलिंग और फेसलेस मूल्यांकन सहित डिजिटल बुनियादी ढांचे को अपनाने के कारण हुआ है। इन सुविधाओं के कारण आयकर रिटर्न की प्रक्रिया अधिक सटीक और तेज हुई है। सूत्रों ने कहा कि पहले से भरे हुए रिटर्न की शुरुआत, स्वचालित रिफंड प्रक्रिया, सटीक समय पर टीडीएस समायोजन और ऑनलाइन शिकायत निवारण तंत्र जैसी सुविधाओं ने देरी को कम करने और करदाता अनुभव को बेहतर बनाने में योगदान दिया है।