युवा मामले और खेल मंत्रालय ने कहा है कि भारत में प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए यूनिफाइड फ्रेमवर्क पर गठित टास्क फोर्स ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में देश भर में खेल प्रशिक्षकों के विकास, मान्यता और प्रोफेशनलाइजेशन के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय रूपरेखा दी गई है। इसमें एक मजबूत, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के उद्देश्य से सिफारिशें भी की गई हैं।
भारतीय बैडमिंटन के राष्ट्रीय मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद के नेतृत्व वाली इस टास्क फोर्स ने कोच शिक्षा और प्रशिक्षण के प्रमुख पहलुओं की जांच की। इनमें प्रशिक्षकों की गुणवत्ता और उपलब्धता, प्रशिक्षक शिक्षा में शैक्षणिक सुधार तथा क्षमता निर्माण को मजबूत करने के लिए उपाय शामिल हैं। टास्क फोर्स ने प्रशिक्षक शिक्षा, मान्यता और शासन के लिए सर्वोच्च राष्ट्रीय निकाय के रूप में एक राष्ट्रीय कोच मान्यता बोर्ड की स्थापना का आह्वान किया है।
यह बोर्ड राष्ट्रीय मानक स्थापित करने, कोचिंग मार्गों को मंजूरी देने, संस्थानों को मान्यता देने और सभी खेलों तथा क्षेत्रों में निरंतरता, पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होगा। मंत्रालय ने कहा कि खिलाडियों के लिए टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना- टॉप्स से प्रेरणा लेते हुए, टास्क फोर्स ने कोचों के लिए एक समर्पित टॉप्स फॉर कोचेस रूपरेखा की सिफारिश की है। इस पहल के अंतर्गत उच्च क्षमता वाले और उच्च प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षकों को उन्नत प्रशिक्षण, प्रौद्योगिकी अपनाने और प्रशिक्षण की प्रथाओं में विशेष सहायता सेवाओं तथा नवाचार के लिए संरचित वित्तीय और संस्थागत सहायता मिलेगी।