जुलाई 13, 2025 8:53 पूर्वाह्न

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भारत में पारंपरिक चिकित्सा और ख़ासकर आयुष पद्धति के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जोड़े जाना महत्वपूर्ण कदम: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत में पारंपरिक चिकित्सा और ख़ासकर आयुष पद्धति के साथ यांत्रिक मेधा यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जोड़े जाने को एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। संगठन ने अपनी पहली तकनीकी रिपोर्ट में माना है कि  आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा रिग्पा और होम्योपैथी के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।

केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा है कि विश्व संगठन की रिपोर्ट इस बात का प्रमाण है कि भारत तकनीक के इस्तेमाल से पारंपरिक चिकित्सा को आगे ले जाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि सही पोर्टल, नमस्ते पोर्टल और आयुष अनुसंधान पोर्टल के माध्यम से भारत अपने पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान का संरक्षण करने के साथ-साथ प्रमाण-आधारित चिकित्सा सेवा भी उपलब्ध करा रहा है।

आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने बताया कि वर्ष 2018 में शुरु किए गए डिजिटल प्लेटफार्म आयुष ग्रिड को एक महत्वपूर्ण पहल बताया। इस ग्रिड के साथ सही, नमस्ते और आयुष अनुसंधान पोर्टल जुड़े हुए हैं।

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