प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने ब्राजील-भारत रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के अपने संकल्प की पुष्टि की है। यह साझेदारी पूरकताओं, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक समावेशन के साथ आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता पर आधारित है।
ब्राजील के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के बाद जारी भारत-ब्राजील संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर मौजूदा बहुपक्षीय पहलों की केंद्रीय भूमिका को मान्यता दी। उन्होंने एआई को अपनाने, विकसित करने और इसके उपयोग में सहयोग के सहयोग पर सहमति व्यक्त की। इसमें राष्ट्रीय रणनीतियों, बड़े भाषा मॉडल, अनुप्रयोगों पर चर्चा और मॉडल प्रशिक्षण और डेटा सुरक्षा ढांचे जैसे संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाओं का पता लगाना शामिल है। दोनों नेताओं ने ओपन प्लैनेटरी इंटेलिजेंस नेटवर्क के शुभारंभ की सराहना की और विकासशील देशों में सतत विकास को गति देने और जलवायु कार्रवाई को मजबूत करने के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का लाभ उठाने की दृढ़ इच्छा व्यक्त की।
दोनों नेताओं ने 2025 में द्विपक्षीय व्यापार में हुई प्रभावशाली वृद्धि पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने भारत और दक्षिणी साझा बाजार के बीच आर्थिक और वाणिज्यिक संबंधों के बढ़ते महत्व और विकास, नवाचार, रोजगार तथा प्रगति के प्रेरक के रूप में व्यापार और निवेश की भूमिका को स्वीकार किया। दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। इसमें स्थायी और अस्थायी दोनों प्रकार की सदस्यता श्रेणियों में विस्तार शामिल है। उन्होंने विस्तारित सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए पारस्परिक समर्थन की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) पी. कुमारन ने आज नई दिल्ली में बताया कि राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा के साथ ग्यारह कैबिनेट मंत्री और ब्राजील के निजी क्षेत्र के व्यापारिक नेताओं का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी था।