भारत ने 7 जून को चीन और पाकिस्तान द्वारा जारी एक हालिया संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के संदर्भ को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग रहे हैं, अभी भी हैं और हमेशा रहेंगे। उन्होंने कहा कि किसी अन्य देश को इस मुद्दे पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।
श्री जयसवाल ने कहा कि उसी संयुक्त बयान में तथाकथित चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे -सी.पी.ई.सी. के तहत गतिविधियों और परियोजनाओं का भी उल्लेख है, जिनमें से कुछ पाकिस्तान के अवैध कब्जे के तहत भारत के संप्रभु क्षेत्र में हैं। उन्होंने कहा कि भारत इन क्षेत्रों पर पाकिस्तान के अवैध कब्जे को मजबूत करने या वैध बनाने के लिए अन्य देशों के किसी भी कदम का दृढ़ता से विरोध करता है और उसे अस्वीकार करता है, जो भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को प्रभावित करता है।