भारत ने संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम- यू.एन.डी.पी. के साथ छह दशकों के सहयोग का उल्लेख करते हुए अपनी साझेदारी को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया है। यू.एन.डी.पी. कार्यकारी बोर्ड के सत्र को संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि परवथानेनी हरीश ने कहा कि गरीबी उन्मूलन, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से उभरने की क्षमता, सतत विकास लक्ष्यों का स्थानीयकरण और विकासशील देशों के बीच आपसी सहयोग जैसे क्षेत्रों में यह साझेदारी महत्वपूर्ण रही है।
परवथानेनी हरीश ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सुधारों में विकास परिणामों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने लाइफ़ और भारत-संयुक्त राष्ट्र विकास साझेदारी कोष जैसी पहलों के माध्यम से निरंतर सहयोग का उल्लेख किया। भारत को 15 अक्टूबर, 2025 को वर्ष 2026 से 2028 के लिए सातवीं बार संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के लिए चुना गया। यह चुनाव वैश्विक स्तर पर मानवाधिकारों को बढ़ावा देने और उनकी रक्षा करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।