पैट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि भारत ने पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य समय से 5 वर्ष पहले पूरा कर लिया है। स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में देश की प्रगति का उल्लेख करते हुए श्री पुरी ने कहा कि पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण 2014 में केवल डेढ़ प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 20% हो गया है जो 11 वर्षों में लगभग 13 गुना वृद्धि है। उन्होंने कहा कि एथेनॉल मिश्रण से न सिर्फ देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है बल्कि इससे उल्लेखनीय आर्थिक और पर्यावरण लाभ हुए हैं। वर्ष 2014 में एथेनॅाल उत्पादन 38 करोड़ लीटर से बढ़कर जून 2025 में 661 करोड़ लीटर से अधिक हो गया है, जिससे देश को एक लाख 36 हजार करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है।
साथ ही देश के बायो-ईंधन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए डिस्टिलरीज़ को एक लाख 96 हजार करोड़ रूपये का भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि एक लाख 18 हजार करोड़ रुपये किसानों को मिले हैं जिससे ग्रामीण आय में वृद्धि हुई है और कृषि अर्थव्यवस्था को सहायता मिली है। पेट्रोलियम मंत्री ने बताया कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग से पर्यावरण पर भी प्रभाव पड़ा है और 698 लाख टन कार्बन डायक्साईड उत्सर्जन कम हुआ है।
पेट्रोल में मिश्रण के लिए एथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने से प्राप्त होता है हाल ही में सरकार ने वर्तमान विपणन सत्र के लिए शीरे से एथेनॉल उत्पादन के लिए मूल्य वृद्धि की मंजूरी दी थी।