भारत ने पश्चिम एशियाई क्षेत्र में जारी संघर्ष का समाधान संवाद और कूटनीति से करने का आह्वान दोहराया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज कहा कि भारत इस संघर्ष के शीघ्र समाप्ति के पक्ष में है। उन्होंने दुर्भाग्य से जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरा दुःख व्यक्त किया।
प्रवक्ता ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक हैं और उनकी सुरक्षा तथा कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्री जायसवाल ने बताया कि व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाएं भी इसी क्षेत्र से होकर गुजरती हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े व्यवधान का भारतीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर परिणाम होता है।
प्रवक्ता ने कहा भारत व्यापारिक जहाजों पर हमलों का कड़ा विरोध करता है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में ऐसे हमलों के परिणामस्वरूप कुछ भारतीय नागरिकों की जान गई है।
श्री जायसवाल ने कहा कि संघर्ष हाल के दिनों में तेज होकर अन्य देशों में भी फैल गया है। प्रवक्ता ने कहा कि ये घटनाक्रम एक निकटवर्ती पड़ोसी देश में होना चिंता का विषय हैं, क्योंकि इस क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता में हमारी महत्वपूर्ण भूमिका है।
भारत ने 28 फरवरी को ईरान और खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष की शुरुआत पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव न बढ़ाने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया था।
श्री जायसवाल ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि रमजान में भी इस क्षेत्र की स्थिति लगातार और गंभीर रूप से बिगड़ रही है।
प्रभावित देशों में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास, भारतीय नागरिकों और सामुदायिक संगठनों के साथ लगातार संपर्क में हैं। संघर्ष में फंसे लोगों को हर संभव सहायता भी प्रदान की गई है।
दूतावास और वाणिज्य दूतावास इस संघर्ष के विभिन्न कांसुलर पहलुओं को सुलझाने में सक्रिय रहेंगे। प्रवक्ता ने कहा कि भारत इस क्षेत्र की सरकारों के साथ अन्य प्रमुख साझेदारों के संपर्क में है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने अपने समकक्षों से बातचीत की है। श्री जायसवाल ने कहा कि सरकार बदलती स्थिति पर बारीकी से नजर रखेगी और राष्ट्रीय हित में उचित निर्णय लेगी।