जून 28, 2025 8:09 पूर्वाह्न

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भारत ने जम्मू-कश्मीर में किशनगंगा और रातले पनबिजली परियोजनाओं पर तथाकथित मध्यस्थता न्यायालय के फैसले को खारिज किया

भारत ने जम्मू-कश्मीर में किशनगंगा और रातले पनबिजली परियोजनाओं पर तथाकथित मध्यस्थता न्यायालय के फैसले को खारिज कर दिया है। मंत्रालय ने कहा कि भारत ने इस मध्यस्थता न्यायालय की कानूनी वैधता को कभी मान्यता नहीं दी है और इसका गठन सिंधु जल संधि का गंभीर उल्लंघन है।

   

 

मंत्रालय ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल-संधि को स्थगित कर दिया है और भारत अब संधि के अंतर्गत कोई भी दायित्व को निभाने के लिए बाध्य नहीं है। यह निर्णय सीमा-पार आतंकवाद को पाकिस्तान के समर्थन के मद्देनजर लिया गया था। मंत्रालय ने कहा कि किसी भी मध्यस्थता न्यायालय को भारत के संप्रभु निर्णय पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं है।

   

 

विदेश मंत्रालय ने कहा कि ताजा घटनाक्रम पाकिस्तान के इशारे पर हुआ है और यह आतंकवाद के वैश्विक केंद्र के रूप में पाकिस्तान की भूमिका से ध्यान हटाने की कोशिश है। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा इस मध्यस्थता तंत्र का सहारा लेना अंतरराष्ट्रीय मंचों के दुरुपयोग की उसकी दशकों पुरानी आदत का हिस्सा है।