भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों में नाम शामिल करने या हटाने से संबंधित अपीलों की सुनवाई के लिए 19 अपीलीय न्यायाधिकरणों का गठन किया है।
यह कदम राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण-एसआईआर प्रक्रिया के तहत उठाया गया है। निर्वाचन आयोग ने कहा कि यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के 10 मार्च, 2026 के आदेश के अनुपालन में और कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की सिफारिश के आधार पर लिया गया है।
आयोग के अनुसार, ये न्यायाधिकरण उत्तर 24 परगना, पूर्वी मेदिनीपुर, कूचबिहार और हावड़ा जैसे जिलों में मतदाता सूची में विसंगतियों से संबंधित मामलों में नामित न्यायिक अधिकारियों के आदेशों के विरुद्ध अपीलों की सुनवाई करेंगे।
निर्वाचन आयोग ने आगे कहा कि पूरक मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अपीलें ऑनलाइन ईसीआई नेट प्लेटफॉर्म के माध्यम से या जिला मजिस्ट्रेट, उप-विभागीय मजिस्ट्रेट या उप-विभागीय अधिकारियों के कार्यालयों में जाकर दाखिल की जा सकती हैं।
ये अधिकारी आवेदनों के डिजिटलीकरण और अपलोडिंग को भी सुनिश्चित करेंगे। आयोग ने बताया कि अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और संबंधित जिलों में सभी अपीलों का निपटारा हो जाने के बाद न्यायाधिकरणों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।