भारत-जर्मन विज्ञान और प्रौद्योगिकी केंद्र ने आज नई दिल्ली में एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन पर रणनीतिक सम्मेलन 2026 का आयोजन किया। सम्मेलन में सतत जल प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भारत-जर्मनी सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
भारत में जर्मन राजदूत फिलिप एकरमैन ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए, विज्ञान, सतत विकास और जलवायु कार्रवाई में भारत-जर्मन साझेदारी को और मजबूत करने पर बल दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जल प्रबंधन एक साझा वैश्विक चुनौती है और संयुक्त अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास तथा ज्ञान के आदान-प्रदान के प्रति जर्मनी की प्रतिबद्धता को दोहराया।
इसके अलावा, संरक्षणवादी डॉ. राजेंद्र सिंह ने इस बात पर बल दिया कि जल प्रबंधन जन-केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने पारंपरिक जल निकायों को पुनर्जीवित करने, नदियों का जीर्णोद्धार करने और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि दीर्घकालिक स्थिरता सामुदायिक भागीदारी तथा व्यवहार परिवर्तन के साथ-साथ इंजीनियरिंग समाधानों पर भी निर्भर करती है।
सम्मेलन ने इस बात की पुष्टि की कि दीर्घकालिक जल सुरक्षा और सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, सामुदायिक सहभागिता और प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान महत्वपूर्ण होंगे।