नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र ने वर्ष 2025 में उल्लेखनीय वृद्धि हासिल की है, जिसमें गैर-जीवाश्म ईंधन की स्थापित क्षमता बढ़कर दो सौ 66 दशमलव सात-आठ गीगावाट हो गई है।
सोशल मीडिया पोस्ट में ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यह वृद्धि वर्ष 2024 की तुलना में 22 दशमलव छह प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान 49 गीगावाट से अधिक नई गैर-जीवाश्म क्षमता जोड़ी गई। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि सौर ऊर्जा ने इस विस्तार में अग्रणी भूमिका निभाई, जिसकी स्थापित क्षमता 97 दशमलव आठ-छह गीगावाट से बढ़कर एक सौ 35 दशमलव आठ-एक गीगावाट हो गई, जो 38 दशमलव आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। उन्होंने रेखांकित किया कि पवन ऊर्जा क्षमता में भी लगातार वृद्धि देखी गई, जो 48 दशमलव एक-छह गीगावाट से बढ़कर 54 दशमलव पांच-एक गीगावाट हो गई।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यह रिकॉर्ड वृद्धि सरकार की निर्णायक नीतिगत दिशा, दीर्घकालिक दृष्टिकोण और निरंतर कार्यान्वयन को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह भारत को ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु संबंधी जिम्मेदारी और आत्मनिर्भर हरित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करता है, क्योंकि देश वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य की ओर लगातार प्रगति कर रहा है।