जुलाई 5, 2025 6:29 अपराह्न

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भारत की नीतियां 2047 तक 32 खरब डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था में बदलने के लिए रणनीतिक रूप से तैयार हैं: पीयूष गोयल

वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की नीतियां 2047 तक देश को चार खरब डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था से 32 खरब डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था में बदलने के लिए रणनीतिक रूप से तैयार हैं। श्री गोयल ने बेंगलुरू में आज आयोजित आईआईटी मद्रास के ‘संगम 2025’ वैश्विक नवाचार और पूर्व छात्र शिखर सम्मेलन में यह बात कही। उन्‍होंने कहा कि सरकार की दूरदर्शी नीतियों ने विश्‍व में पांचवीं सबसे बडी अर्थव्‍यवस्‍था के रूप में भारत को पहले ही स्‍थापित कर दिया है। भारत 2028 तक तीसरी सबसे बडी अर्थव्‍यवस्‍था बनने जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि भारत अब विश्‍व में सबसे तेजी से बढने वाली अर्थव्‍यवस्‍थाओं में एक है। श्री गोयल ने कहा कि सरकार की नीतियां और कार्यक्रम भारत को भविष्‍य के लिए इस प्रकार तैयार कर रहे हैं जिसमें भारत  प्रौद्योगिकी को अपनाकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्‍वांटम कम्‍प्‍युटिंग और अन्‍य प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में नेतृत्‍व करेगा।

नवाचार को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता का उल्‍लेख करते हुए श्री गोयल ने कहा कि गहन प्रौद्योगिकी का पारिस्‍थि‍तिकी तंत्र विकसित करने के लिए पिछले बजट में दस हजार करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। नवाचार और उभरती प्रौद्योगिकी को समर्थन देने के लिए अतिरिक्‍त दस हजार करोड रुपए मंजूर  किए गए हैं। श्री गोयल ने कहा कि केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल की पिछली बैठक में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के लिए एक लाख करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई। यह राशि तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए इसे 50 वर्षों के लिए व्‍याजमुक्‍त ऋण के रूप में पेश की जाएगी।