शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि भारत का वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनना तय है और इस लक्ष्य को हासिल करने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका होगी। केरल में आईआईटी पलक्कड़ के दीक्षांत समारोह में उन्होंने विद्यार्थियों से परिवहन, आवास, चिकित्सा सुविधाओं और कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आग्रह किया।
विश्व में डिजिटल क्षेत्र में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुये श्री प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश भर में एक समावेशी और नैतिक डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की कल्पना की है। उन्होंने तकनीकी आत्मनिर्भरता की आवश्यकता और कृषि में आधुनिक तकनीक के महत्व पर भी बल दिया। शिक्षा मंत्री ने कुल 328 विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। श्री प्रधान ने कहा कि आईआईटी पलक्कड़ विकसित भारत में योगदान के लिए प्रतिबद्ध है।