भारत और इज़राइल ने आतंकवाद और आतंकी संगठनों के साथ-साथ उनके प्रतिनिधियों, समर्थकों, प्रायोजकों, वित्तपोषकों और मददगारों से निपटने में सहयोग करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। नई दिल्ली में आयोजित भारत-इजराइल संयुक्त कार्यसमूह-जे डब्ल्यू जी की आतंकरोधी 10वीं बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने आतंकवाद के सभी प्रारूपों और अभिव्यक्तियों की कड़ी निंदा की और इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए लगातार व्यापक और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय में आतंकरोधी मामलों के संयुक्त सचिव डॉ. विनोद बहादे ने किया।
इजराइली पक्ष का नेतृत्व वहां के विदेश मंत्रालय में सामरिक मामलों के ब्यूरो प्रमुख नादव एस्चर ने किया। उन्होंने दोनों देशों में हुए आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा की और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी और तत्काल कार्रवाई करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने आतंकवादियों की भर्ती, आतंकी उद्देश्यों के लिए प्रौद्योगिकी का दुरुपयोग, आतंकवाद वित्तपोषण जैसी पारंपरिक और उभरती चुनौतियों की समीक्षा की तथा आतंकी गतिविधियों के लिए मानवरहित हवाई वाहनों, ड्रोन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता-एआई के बढ़ते उपयोग पर चिंता जताई। दोनों पक्षों ने भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी की भावना और इसके व्यापक दायरे पर भी प्रकाश डाला।
दोनों देशों ने द्विपक्षीय ढाँचों के तहत प्रशिक्षण, साइबर सुरक्षा, सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान और सूचना विनिमय के माध्यम से सहयोग बढ़ाने के तौर-तरीकों पर भी चर्चा की। उन्होंने पारस्परिक कानूनी सहायता सहित कानून प्रवर्तन और न्यायिक सहयोग को मजबूत करने पर भी चर्चा की।
आतंकरोधी संयुक्त कार्य-समूह की अगली बैठक इजराइल में आयोजित की जाएगी।