दिसम्बर 27, 2025 9:02 पूर्वाह्न

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भारत इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में सातवें से तीसरी सबसे बड़ी श्रेणी बनकर उभरा है: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में सातवें स्‍थान से तीसरी सबसे बड़ी श्रेणी बनकर उभरा है। श्री वैष्णव ने सोशल मीडिया पोस्ट में भारत को विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता देश बताया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भारत का आगे बढ़ना प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के व्यापक इकोसिस्‍टम विकसित करने के दृष्टिकोण से प्रेरित है।

 

श्री वैष्णव ने कहा कि बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए पी एल आई योजना से 13 हजार 475 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित हुआ है और 9 लाख 80 हजार करोड़ रुपये मूल्‍य का उत्पादन किया गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना से पिछले 5 वर्षों में एक लाख 30 हजार से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में विनिर्माण, रोजगार और निर्यात को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा भी मिला है।

 

श्री वैष्णव ने कहा कि सरकार अब मॉड्यूल, घटकों, उप-मॉड्यूल, कच्चे माल और विनिर्माण मशीनरी के लिए क्षमता निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट बनाने की योजना इसमें सहयोग दे रही है।

 

श्री वैष्णव ने बताया कि अब तक 10 सेमीकंडक्टर इकाइयों को मंजूरी दी जा चुकी है। तीन पहले से ही प्रारंभिक उत्पादन चरणों में हैं। उन्‍होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण ने पिछले दशक में 25 लाख रोजगार सृजित किए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सेमीकंडक्टर और कंपोनेंट विनिर्माण के विस्तार के साथ रोजगार सृजन में और तेजी आएगी।

 

मेक इन इंडिया पहल के प्रभाव का उल्‍लेख करते हुए श्री वैष्‍णव ने कहा कि तैयार उत्पादों और कंपोनेंट का उत्पादन बढ़ रहा है, निर्यात बढ़ रहा है, वैश्विक कंपनियां आश्वस्त हैं। भारतीय कंपनियां तेजी से प्रतिस्पर्धी बन रही हैं और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।

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