वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत तथा अमरीका के बीच हुआ ऐतिहासिक व्यापार समझौता आपसी संबंधों को मजबूत करने और वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लोकसभा में श्री गोयल ने कहा कि इस समझौते के दौरान भारत संवेदनशील क्षेत्रों, कृषि और दुग्ध उत्पादन में अपने हितों की रक्षा करने में सफल रहा है। उन्होंने कहा कि दो फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई द्विपक्षीय तथा वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इस बातचीत के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने अमरीका को होने वाले भारतीय निर्यात पर शुल्क घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह दर अमरीका की तरफ से अन्य कई देशों पर लगाए गए शुल्क की तुलना में अपेक्षाकृत कम है। श्री गोयल ने कहा कि इस कदम से अमरीकी बाजार में भारतीय निर्यात की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि यह समझौता सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, कुशल श्रमिकों और उद्योग जगत को नए अवसर देगा। उन्होंने बताया कि समझौता लगभग एक वर्ष तक चले बातचीत के कई दौर के बाद संपन्न हुआ। इस दौरान द्विपक्षीय व्यापार समझौते के कई प्रमुख क्षेत्रों को अंतिम रूप दिया गया। श्री गोयल ने कहा कि यह समझौता दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र वाले देशों के बीच बढ़ते संबंधों को दर्शाता है। श्री गोयल ने विपक्ष के हंगामे के बीच यह बयान दिया है।