भारत-अमरीका द्विपक्षीय व्यापार समझौते से भारत के किसानों और घरेलू उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए मजबूत सुरक्षा उपाय सुनिश्चित होगा। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है।
इस समझौते से कई कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों पर शुल्क छूट के माध्यम से निर्यात के अवसर बढ़ेंगे। भारत का अमरीका के साथ कृषि व्यापार वर्तमान में 1 अरब 30 करोड़ डॉलर से ज्यादा अधिशेष है। उम्मीद है कि यह समझौता बेहतर बाजार पहुंच और शुल्क स्थिरता प्रदान करके एक शुद्ध कृषि निर्यातक के रूप में भारत की स्थिति को अधिक मजबूत करेगा।
इसके अंतर्गत वानिकी से जुड़े उत्पादों और अन्य उत्पादों पर शून्य पारस्परिक शुल्क लागू किया गया है। इनमें वनस्पति बुनाई सामग्री, वनस्पति मोम, वनस्पति रस, ब्लीच किया हुआ मोम, बांस के अंकुर और विभिन्न प्रकार के मेवे शामिल हैं। इस कदम से वनों पर निर्भर आदिवासी समुदाय की आय में वृद्धि होने की उम्मीद है।