भारतीय वायु सेना कल राजस्थान के पोखरण में आयोजित होने वाले वायु शक्ति अभ्यास में अपने सामरिक कौशल के साथ ही मानवीय सहायता और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेगी। आज नई दिल्ली में पूर्वावलोकन कार्यक्रम में मीडिया को संबोधित करते हुए वायु सेना उप प्रमुख, एयर मार्शल नागेश कपूर ने बताया कि अभ्यास के दौरान 120 से अधिक रक्षा उपकरण तैनात किए जाएंगे।
एयर मार्शल कपूर ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आतंकी गतिविधियों का उचित जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभ्यास के दौरान दो नए हथियारों के साथ ही स्वदेश निर्मित और स्मार्ट हथियारों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल की भूमिका पर उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना भविष्य में और अधिक एमआरएफए विमान अपने बेड़े में शामिल करना चाहती है।
27 फरवरी को होने वाले वायु शक्ति अभ्यास में कुल 77 लड़ाकू विमान, 43 हेलीकॉप्टर और 8 मालवाहक विमान भाग लेंगे। इस अभ्यास में राफेल, सुखोई, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर और तेजस जैसे लड़ाकू विमान होंगे। वायुशक्ति-26 ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को उजागर करने के साथ हवाई क्षेत्र में प्रभुत्व, लंबी दूरी तक सटीक लक्ष्य लगाने और बहु-क्षेत्रीय अभियानों में भारतीय वायु सेना की श्रेष्ठता को पुनः स्थापित करेगा। यह भारतीय सेना के साथ एकीकृत और संयुक्त अभियानों का प्रदर्शन करेगा।
यह अभ्यास यह भी साबित करेगा कि भारतीय वायु सेना देश और विदेशों में संघर्ष वाले क्षेत्रों से त्वरित हवाई परिवहन और बचाव तथा निकासी सुविधा प्रदान करके मानवीय सहायता और आपदा प्रबंधन में किस प्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।