भारतीय जनता पार्टी ने आज देश में निर्वाचन प्रक्रिया के विरूद्ध आधारहीन आरोप लगाने और झूठ फैलाने के लिए कांग्रेस को दोषी ठहराया। नई दिल्ली में आज एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए केन्द्रीय शिक्षा मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि कांग्रेस कभी ईवीएम की पारदर्शिता को लेकर प्रश्न करती है, तो कभी हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव से संबंधित मुद्दे उठाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी लगातार राजनीतिक हार ने उन्हें राजनीतिक दिवालिये की स्थिति में पहुंचा दिया है। विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को लेकर श्री प्रधान ने कहा कि यह पहली बार नहीं हो रहा है। यह निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को अपडेट करने का एक नियमित अभ्यास है।
इस बीच, विपक्षी सांसदों ने आज बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरूद्ध संसद भवन परिसर से निर्वाचन आयोग कार्यालय तक एक विरोध मार्च निकाला। सांसद बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण को वापस लेने की मांग कर रहे थे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी नेता राहुल गांधी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-एससीपी प्रमुख शरद पवार, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, झारखंड मुक्ति मोर्चा नेता महुआ माजी, तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओ’ब्रायन सहित अन्य नेताओं ने इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
इस बीच, संसद के कई विपक्षी सदस्यों ने विरोध के दौरान बैरिकेड से छलांग लगाने की कोशिश की। कानून और व्यवस्था को बनाए रखने के प्रयास में दिल्ली पुलिस ने कुछ सांसदों को हिरासत में लिया। संवाददाताओं से बातचीत में दिल्ली पुलिस के उपायुक्त देवेश कुमार माहला ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने आयोग का दौरा करने के लिए सिर्फ 30 सांसदों को अनुमति पत्र जारी किया है। 200 से अधिक सांसदों ने संसद से आयोग की ओर मार्च किया। उन्होंने कहा कि कुछ सांसदों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिसके कारण पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।