भाजपा के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल के पर्यवेक्षक भूपेंद्र यादव ने पश्चिम बंगाल सरकार से विशेष गहन पुनरीक्षण-एसआईआर प्रक्रिया में आ रही सभी बाधाओं को दूर करने की मांग की है।
कोलकाता में संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के उस निर्देश का हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि एसआईआर प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भूपेंद्र यादव ने राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखा हमला करते हुए कहा कि ममता बनर्जी एकमात्र ऐसी मुख्यमंत्री हैं जो वर्तमान में अपने ही कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि जहां देश के बाकी हिस्सों में सातवां वेतन आयोग लागू हो चुका है, वहीं पश्चिम बंगाल के लगभग 20 लाख कर्मचारी अब भी छठे वेतन आयोग के लाभों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कर्मचारियों की मृत्यु के संबंध में मुख्यमंत्री के दावों को भी चुनौती दी और कहा कि ये मौतें महंगाई भत्ता न मिलने के कारण हुईं, न कि एसआईआर प्रक्रिया के कारण।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं की आलोचना करते हुए भूपेंद्र यादव ने कहा कि जहां मुख्यमंत्री एसआईआर प्रक्रिया का विरोध करने के लिए एक हजार पांच सौ किलोमीटर की यात्रा करके दिल्ली गईं, वहीं उन्होंने मात्र 15 किलोमीटर दूर स्थित आनंदपुर में लगी भीषण आग का दौरा नहीं किया।
उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल के विपक्षी नेता को प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के लिए अदालत का सहारा लेना पड़ा। भूपेंद्र यादव ने ममता बनर्जी से एक लोकतांत्रिक नेता के रूप में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करने और एसआईआर प्रक्रिया को सुचारू तथा निर्बाध रूप से संपन्न कराने का आग्रह किया।