सरकार ने कहा है कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना नीतिगत पहल मात्र नहीं है, बल्कि अब यह राष्ट्रीय आंदोलन में बदल चुकी है। इसमें सरकारी एजेंसियों, समुदायों, मीडिया और आम जनता सहित विभिन्न पक्षों का सहयोग लिया गया है।
महिला और बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कल लोकसभा में कहा कि 2014-15 में जन्म के समय एक हज़ार लड़कों के मुकाबले लड़कियों का अनुपात 918 था जो 2024-25 में बढ़कर 929 हो गया।
इसी प्रकार,माध्यमिक स्तर पर विद्यालयों में लड़कियों का सकल नामांकन अनुपात 2014-15 के 75.51 प्रतिशत से बढ़कर 2024-25 में 80.2 प्रतिशत हो गया है। श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का उद्देश्य लड़कियों को महत्व देने और उसके अधिकारों तथा अवसरों को सुनिश्चित करने की दिशा में एक सांस्कृतिक बदलाव को बढ़ावा देना भी है।