फ़रवरी 19, 2026 2:03 अपराह्न

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बिहार के मुंगेर में अंतिम सशस्त्र माओवादी के आत्मसमर्पण के बाद राज्‍य नक्सल मुक्त घोषित

बिहार अब पूरी तरह से नक्सल मुक्त हो गया है। राज्य के अंतिम हथियारबंद माओवादी सुरेश कोड़ा ने मुंगेर में आत्मसमर्पण किया। मुंगेर के पुलिस उप महानिरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि राज्य के पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे 23 जिलों में अब कोई भी हथियारबंद नक्सली दस्ता सक्रिय नहीं है।

मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पीणीकर ने कहा कि केंद्र सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के अंतर्गत सुरेश कोड़ा को निर्धारित लाभ जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे।

वहीं, सुरेश कोड़ा की पत्नी प्रमिला देवी ने आत्मसमर्पण के फैसले पर प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि परिवार में अब राहत और सुकून का माहौल है।

वर्ष 2012 में राज्य के 23 जिले नक्सल प्रभावित थे। सत्तर के दशक में बिहार में नक्सल गतिविधियों का प्रभाव तेजी से बढ़ा था, विशेषकर मध्य बिहार के जिले इससे अधिक प्रभावित रहे।

केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से वर्ष 2025 में एक भी नक्सली घटना नहीं हुई। इसी वर्ष 220 नक्सलियों की गिरफ्तारी भी हुई। यह राज्य में शांति और विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।