फ़रवरी 3, 2026 8:14 अपराह्न

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बांग्लादेश: राष्ट्रीय चुनाव से पहले जनवरी के तुलना राजनीतिक हिंसा में लगभग तीन गुना वृद्धि

बांग्लादेश में राजनीतिक हिंसा में तीव्र वृद्धि हुई है। मानवाधिकार संगठन ऐन ओ सालिश केंद्र-एएसके के अनुसार 12 फरवरी को होने वाले राष्ट्रीय चुनाव से पहले जनवरी के तुलना इसमें लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है।

ए.एस.के. के नवीनतम विश्लेषण में बताया गया है कि दिसंबर 2025 में राजनीतिक हिंसा की 18 घटनाएं हुईं, जिनमें 268 लोग घायल हुए और चार लोगों की मृत्‍यु हुई। जनवरी 2026 में स्थिति और भी गंभीर हो गई, जब 75 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 616 लोग घायल हुए और 11 लोगों की मृत्‍यु हुई। मानवाधिकार संगठन ने बताया कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा और 22 जनवरी को औपचारिक प्रचार अभियान शुरू होने के बाद राजनीतिक हिंसा की घटनाएं तेज हो गईं। 

 एएसके ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए राजनीतिक दलों से संयम बरतने का आग्रह किया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से चुनाव अवधि के दौरान जन सुरक्षा सुनिश्चित करने और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने का आह्वान किया है।

बढ़ती हिंसा के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल ने चेतावनी दी कि यदि 1971 के मुक्ति संग्राम की भावना को मिटा दिया गया तो बांग्लादेश अपनी पहचान खो देगा। मंगलवार को ठाकुरगांव में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता राष्ट्र का अस्तित्व है।

इस बीच नेशनल सिटीजन पार्टी के प्रवक्ता आसिफ महमूद ने प्रशासनिक पक्षपात का आरोप लगाते हुए दावा किया कि सरकारी अधिकारी खुलेआम बीएनपी के चुनावी चिन्ह के लिए वोट मांग रहे थे।

मानवाधिकार समूहों की चेतावनियों के बीच राजनीतिक दलों के आरोप-प्रत्यारोप और हिंसा बढ़ने की घटनाओं के बाद शांतिपूर्ण चुनाव पर सवाल उठने लगे हैं।