बांग्लादेश में 13वीं जातीय संसद के चुनाव के लिए कल मतदान होना है। मतदान से पहले चुनावी माहौल और हिंसा की आशंकाओं को लेकर चिंता बनी हुई है। ढाका से हमारे संवाददाता के अनुसार, बांग्लादेश पूजा उद्जापन परिषद और हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार रात बीएनपी के चुनाव प्रबंधन समिति से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने सुरक्षा, समावेशन और चुनावी स्थिति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
इस बीच, विभिन्न इस्लामी संगठनों के कुछ नेताओं ने मतदाताओं से बीएनपी के चुनाव चिन्ह ‘धान की बाली’ के समर्थन की अपील की है। एक बयान में बांग्लादेश निज़ाम-ए-इस्लाम पार्टी ने कहा कि उनका समर्थन एक सुरक्षित और समावेशी बांग्लादेश की आवश्यकता पर आधारित है।
धार्मिक और राजनीतिक बयानबाज़ी के कारण चुनावी माहौल में विवाद भी बढ़ा है। चटगांव में एक धार्मिक कार्यक्रम में दिए गए एक बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ, जिससे बहस तेज हो गई।
इस चुनाव में 51 राजनीतिक दलों के दो हजार से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें बीएनपी के उम्मीदवारों की संख्या सबसे अधिक है। कल 299 निर्वाचन क्षेत्रों में सुबह साढ़े सात बजे से शाम साढ़े चार बजे तक मतदान होगा।
देशभर में 12 करोड़ 70 लाख से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए सेना, पुलिस और अन्य बलों के लगभग नौ लाख कर्मियों को तैनात किया गया है। हालांकि कड़ी सुरक्षा के बावजूद कुछ स्थानों पर राजनीतिक हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं और चुनाव की निष्पक्षता तथा शांति को लेकर सवाल बने हुए हैं।