बांग्लादेश के शरियतपुर जिले के दामुद्या उपज़िले के पचास वर्षीय एक हिन्दू व्यवसायी खोखोन चन्द्र दास की आज सुबह ढाका स्थित राष्ट्रीय बर्न और प्लास्टिक सर्जरी संस्थान में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। पुलिस और परिवार के सदस्यों के अनुसार घर लौटते समय दामुद्या के तिलोई क्षेत्र में बुधवार रात खोखोन पर हमला किया गया।
हमलावरों के एक समूह ने कथित रूप से खोखोन को रोका और धारदार हथियार से उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने उनके पैसे लूट लिए और उन्हें आग के हवाले कर दिया। स्थानीय निवासियों ने उन्हें बचाया और अस्पताल में पहुंचाया। बाद में खोखोन को ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल स्थानांतरित कर दिया गया। इसके बाद उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय बर्न और प्लास्टिक सर्जरी संस्थान में भेज दिया गया।
डॉक्टरों ने बताया कि धारदार चाकू के घावों सहित खोखोन के शरीर का लगभग तीस प्रतिशत हिस्सा झुलस गया था। आज सुबह खोखोन की स्थिति काफी बिगड गई और आईसीयू में उनकी मृत्यु हो गई। खोखोन चन्द्र दास औषधि की एक दुकान और मोबाइल बैंकिंग का कारोबार करता था। मृत्यु से पहले खोखोन ने दो हमलावरों की पहचान की है। बाद में पुलिस ने अन्य संदिग्ध की पहचान की है। खोखोन के पिता ने बृहस्पतिवार देर रात तीन आरोपियों पर मामला दर्ज कराया था।
दामुद्या पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी मोहम्मद रबीउल हक ने कहा कि पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है। केउरभंगा बाजार के व्यवसायी और तिलोई गांव के निवासियों ने इस घटना के जिम्मेदार लोगों की तुरंत गिरफ्तारी और सजा की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस हत्या ने हाल के हिंसक हमलों पर चिंताएं बढ़ा दी हैं। हाल के सप्ताह में देश के विभिन्न हिस्सों में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर हमले हुए हैं।