मानवाधिकार सहायता संस्था की रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के 17 महीने के कार्यकाल में मानवाधिकारों की स्थिति बेहद चिंताजनक रही है। संस्था ने ढाका में आज नेशनल प्रेस क्लब में 2024 के 5 अगस्त से मानवाधिकार की स्थिति और चुनाव-पूर्व हिंसा के अपने आकलन को प्रस्तुत करते हुए ये निष्कर्ष जारी किए।
रिपोर्ट में इस अवधि के दौरान 14 सौ से अधिक राजनीतिक हिंसा की घटनाओं का विवरण है, जिसके कारण 195 लोगों की मौत हो गई। मानवाधिकार संस्था ने भीड़ द्वारा हिंसा की 413 घटनाओं को भी दर्ज किया है। इनमें तीन सौ से अधिक लोग मारे गए। पत्रकारों पर हमले की 427 घटनाओं दर्ज की गई, जिनमें 834 मीडियाकर्मी प्रभावित हुए। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा में भी काफी वृद्धि हुई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ढाई हजार से अधिक महिलाओं और बच्चों को दुर्व्यवहार का शिकार होना पड़ा। संगठन ने बिगड़ती स्थिति के लिए कमजोर कानून व्यवस्था, अप्रभावी सरकारी कार्रवाई और प्रमुख राजनीतिक दलों की उदासीनता को जिम्मेदार ठहराया। इस बीच, प्रेस क्लब में एक अन्य कार्यक्रम में संचार और अनुसंधान संस्थान ने 13वें राष्ट्रीय चुनाव से पहले एक जनमत सर्वेक्षण जारी किया। सर्वेक्षण के अनुसार मतदाता धार्मिक मुद्दों की तुलना में भ्रष्टाचार और मंहगाई को लेकर अधिक चिंतित हैं।