फ़रवरी 9, 2026 1:36 अपराह्न

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बांग्लादेश में चुनाव से पहले महिला उम्मीदवारों के खिलाफ उत्पीड़न और धमकियों से बढ़ी चिंता

बांग्लादेश में बृहस्‍पतिवार को संसदीय चुनाव को देखते हुए महिला उम्मीदवारों के खिलाफ चरित्र हनन, यौन उत्पीड़न और धमकियों की बढ़ती खबरों ने उनकी सुरक्षा और राजनीति में उनकी सार्थक भागीदारी को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 13वें जातीय संसद चुनाव में भाग लेने वाली महिला उम्मीदवारों की संख्या केवल लगभग 4 प्रतिशत है। चुनाव में शामिल 51 राजनीतिक दलों में से 30 ने एक भी महिला उम्मीदवार नहीं उतारी है। हालांकि महिलाओं की आबादी लगभग आधी हैं, लेकिन मतपत्रों पर उनकी उपस्थिति नगण्य बनी हुई है।

कई महिला उम्मीदवारों का कहना है कि उन्हें ऑनलाइन और जमीनी स्तर पर सुनियोजित उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।

जमात-ए-इस्लामी के अमीर शफीकुर रहमान के बयान के बाद यह मुद्दा और भी गंभीर हो गया है। उन्होंने कहा कि महिलाएं उनकी पार्टी का नेतृत्व नहीं कर सकतीं और उन्होंने यह भी पुष्टि की कि जमात ने किसी भी महिला उम्मीदवार को नामित नहीं किया है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे बयान पितृसत्तात्मक मानदंडों को मजबूत करते हैं और महिलाओं को राजनीति में आने से और हतोत्साहित करते हैं। मानवाधिकार समूहों ने भी इस पर चिंता जताई है।