पूर्व जल संसाधन मंत्री और आवामी लीग के वरिष्ठ नेता रमेश चंद्र सेन की दिनाजपुर जिला जेल की हिरासत में मौत हो गई। इससे बुजुर्ग कैदियों के इलाज और चिकित्सा देखभाल पर फिर से सवाल उठने लगे हैं। वे 85 साल के थे।
जेल और अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि कल सुबह जेल के अंदर सेन की हालत बिगड़ गई। उन्हें सुबह करीब 9 बजकर 10 मिनट पर दिनाजपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आपात विभाग में ले जाया गया और सिर्फ 19 मिनट बाद, 9 बजकर 29 मिनट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
दिनाजपुर जिला जेल के सुपरिटेंडेंट फरहाद सरकार ने मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव परिवार को सौंप दिया जाएगा। हालांकि, अधिकारियों ने यह साफ नहीं किया कि सेन नियमित चिकित्सा देखरेख में थे या हिरासत में उनकी हालत इतनी तेजी से क्यों बिगड़ी।
ठाकुरगांव-1 (सदर) से पांच बार सांसद रहे सेन को 5 अगस्त की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद दर्ज मामलों के सिलसिले में 16 अगस्त, 2024 को उनके घर से गिरफ्तार किया गया था।
अस्पताल के अधिकारियों और आवामी लीग के नेताओं ने कहा कि सेन लंबे समय से उम्र से संबंधित बीमारियों से पीड़ित थे। गिरफ्तारी के समय भी उनकी सेहत खराब थी। इस कारण एक बीमार बुजुर्ग को जेल में रखने के फैसले और हिरासत में उन्हें दी गई चिकित्सा देखभाल की पर्याप्तता पर आलोचना हो रही थी।