बांग्लादेश में कल विभिन्न अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों ने देश भर में बढ़ती हिंसा, अराजकता और भेदभाव को रोकने के लिए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की। यह विरोध रैली ढाका स्थित राष्ट्रीय प्रेस क्लब के सामने बांग्लादेश अल्पसंख्यक अधिवक्ता एकता गठबंधन द्वारा आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता संयोजक, स्वतंत्रता सेनानी और सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. जे.के. पाल ने की। गठबंधन के सदस्य सचिव अधिवक्ता सुमन कुमार रॉय ने इसका संचालन किया। वरिष्ठ अधिवक्ताओं, अल्पसंख्यक नेताओं और कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन में भाग लिया।
वक्ताओं ने मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस से कानून के शासन को बहाल करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने पांच प्रमुख मांगें रखीं जिनमें हालिया हत्याओं की न्यायिक जांच, त्वरित सुनवाई न्यायाधिकरणों के माध्यम से अनुकरणीय दंड, राज्य संस्थानों में अल्पसंख्यकों का समान प्रतिनिधित्व, चुनाव के बाद सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सेना की तैनाती और उन बंदियों की बिना शर्त रिहाई शामिल है, जिन पर कथित झूठे मामले दर्ज किए गए हैं। अधिवक्ता सुमन कुमार रॉय ने चेतावनी देते हुए कहा कि लगातार हिंसा ने अल्पसंख्यक समुदायों में भय पैदा कर दिया है इसलिए उन्हें चुनाव बहिष्कार सहित कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर कर सकता है। डॉ. जे.के. पाल ने कहा कि नागरिकों के जीवन और संपत्ति की रक्षा करने में राज्य सरकार की विफलता बेहद चिंताजनक है। उन्होंने राजनीतिक नेताओं से स्थिति से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आह्वान किया।