बलूचिस्तान में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने केच जिले में अब्दोही सीमा को लगातार बंद रखने के लिए पाकिस्तानी अधिकारियों की आलोचना की है। उन्होंने इसे आर्थिक शोषण का पाकिस्तान का एक तरीका बताया है।
बलूचिस्तान के मानवाधिकार संगठन बलूच यकजेहती समिति ने बताया कि केच में अब्दोही सीमा 19 मार्च से बंद है। इससे बलूचिस्तान में सैकड़ों परिवारों की आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत समाप्त हो गया है। इसके विरोध मेंस्थानीय व्यापारियों, मजदूरों और नागरिकों ने लगातार दूसरे दिन शांतिपूर्ण धरना दिया। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को डराने और तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और बल का इस्तेमाल किया।
बलूचिस्तान के लोग पाकिस्तान से अपनी आजादी के लिए संघर्षरत हैं। बलूचिस्तान के विभिन्न मानवाधिकार संगठनों ने बार-बार प्रांत में पाकिस्तानी सेना के दमन को उजागर किया है। इसमें बलूच नेताओं और नागरिकों के घरों पर हिंसक छापे, गैरकानूनी गिरफ्तारियां और झूठे मामले दर्ज करना शामिल हैं।