केंद्र सरकार ने 2026-27 के बजट अनुमानों में गैर-ऋण प्राप्तियां 36 दशमलव पांच लाख करोड़ रुपये और कुल व्यय 53 दशमलव पांच लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है। यह राजकोषीय सुदृढ़ीकरण पर निरंतर ध्यान देने के साथ-साथ सार्वजनिक व्यय में वृद्धि को दर्शाता है। केंद्र सरकार की शुद्ध कर प्राप्तियां इस वर्ष 28 दशमलव सात लाख करोड़ रुपये रखने का अनुमान हैं।
प्राप्तियों और व्यय के बीच के अंतर को कम करने के लिए सकल बाजार उधारी 17 दशमलव दो लाख करोड़ रुपये तय की गई है, जबकि दिनांकित प्रतिभूतियों से शुद्ध बाजार उधार 11 दशमलव सात लाख करोड़ रुपये अनुमानित है। 2025-26 के संशोधित अनुमानों के अनुसार, गैर-ऋण प्राप्तियां 34 लाख करोड़ रुपये हैं, जिसमें 26 दशमलव सात लाख करोड़ रुपये की शुद्ध कर प्राप्तियां शामिल हैं। वर्ष के लिए कुल व्यय को संशोधित करके 49 दशमलव छह लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिसमें पूंजीगत व्यय लगभग 11 लाख करोड़ रुपये है।
2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का चार दशमलव तीन प्रतिशत अनुमानित है, जो 2025-26 के लिए अनुमानित चार दशमलव चार प्रतिशत से कम है। 2025-26 के संशोधित अनुमानों में राजकोषीय घाटा उसी वर्ष के बजट अनुमान के स्तर पर बरकरार रखा गया है। ऋण-से-जीडीपी अनुपात 2026-27 में घटकर 55 दशमलव छह प्रतिशत होने का अनुमान है। यह राजकोषीय सुदृढ़ीकरण को दर्शाता है। 2025-26 के संशोधित अनुमानों में ऋण-से-जीडीपी अनुपात 56 दशमलव एक प्रतिशत था।