केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) की रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस के एक सांसद ने आरोप लगाया है कि चीन की सरकार तिब्बती भाषा और संस्कृति को कमजोर कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि फ्रांसीसी नेशनल असेंबली के डिप्टी चार्ल्स डी. कौरसन ने फ्रांस के विदेश मामलों के मंत्री को एक औपचारिक लिखित प्रश्न प्रस्तुत किया। इसमें 2026 के लिये निर्धारित नीतिगत बदलाव के बारे में चेतावनी दी गई थी, जिसके तहत तिब्बत में राष्ट्रीय विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षाओं से तिब्बती को एक मुख्य विषय के रूप में हटाने का प्रावधान है। संसदीय प्रश्न में तिब्बत में अनिवार्य बोर्डिंग स्कूल प्रणाली के विस्तार पर भी बल दिया गया।
News On AIR | फ़रवरी 27, 2026 10:08 पूर्वाह्न
फ्रांस के सांसद का आरोप, तिब्बती भाषा-संस्कृति को कमजोर कर रही है चीन की सरकार: सीटीए रिपोर्ट