फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट चीन की दो दिन की यात्रा पर रवाना हुए। वे चीन तथा यूरोप के बीच व्यापार विवाद तथा यूक्रेन में जारी संघर्ष को लेकर चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ चर्चा करेंगे।
दोपहर से पहले आयोजित बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन भी किया जाएगा। यह द्विपक्षीय संबंधों के महत्व का परिचायक है।
श्री बैरोट स्थानीय अधिकारियों और उद्योगपतियों के साथ बैठक करने के लिए कल शंघाई रवाना होंगे। इसका उद्देश्य चीन तथा यूरोप के बीच व्यापारिक विवादों का समाधान तलाशना और आर्थिक संबंधों को सशक्त बनाना है।
फ्रांस रूसी हमले के विरूद्ध यूक्रेन के संघर्ष का पूर्ण समर्थक रहा है। वहीं पेइचिंग कूटनीतिक तरीके से रूस का पक्षधर रहा है। चीन ने रूस के प्राकृतिक संसाधनों को खरीदकर उसे आर्थिक सहायता प्रदान की है। यूक्रेन के लिए एक संभावित शांति रक्षक बल भेजने संबंधी फ्रांस की मेजबानी में होने वाली बड़ी बैठक के पहले श्री बैरोट की यह यात्रा यूक्रेन को लेकर चीन की स्थिति का आकलन करने का एक अवसर है।
यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब यूक्रेन को समर्थन देने को लेकर अमरीका और यूरोप के बीच मतभेद सामने आ रहे हैं। अमरीका मॉस्को को समर्थन देता हुआ दिखाई दे रहा है।
फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा मैक्रों ने शांति समझौते के हिस्से के रूप में यूक्रेन में यूरोपीय सशस्त्र बल तैनात करने का प्रस्ताव किया है। श्री मैक्रों ने कल कहा कि इस प्रकार का बल रूस के संभावित किसी प्रकार के हमले का जवाब दे सकता है।
यह पहल इस क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के प्रति यूरोप के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम का परिचायक है। यूरोप लम्बे समय से चीन की अनुचित व्यापार कार्यप्रणलियों की शिकायत करता रहा है।