विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज स्वच्छता अभियान में प्रौद्योगिकी और अपशिष्ट से राजस्व पद्धतियों को शामिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को दैनिक जीवन में एक आदर्श, आदत और समावेश बनाने के लिए नागरिकों में जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। डॉ. सिंह ने प्रयोगशालाओं से अपशिष्ट एकत्र करने और प्रौद्योगिकी की सहायता से उसे निष्क्रिय पदार्थों में परिवर्तित करने की एम्स की पहल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल भारत को आयात पर निर्भर न रहने तथा स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने के लिए प्रेरित करेगी।सरकार ने 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक पांचवे दौर के विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस दौरान सरकारी मंत्रालयों और विभागों में स्वच्छता अभियान चलाने तथा लंबित मामलों के निपटान पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।
Site Admin | अक्टूबर 7, 2025 8:34 अपराह्न
प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्वच्छता अभियान में प्रौद्योगिकी से राजस्व पद्धतियों को शामिल करने का आह्वान किया