प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में मछुआरा समुदाय के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए एनडीए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया है। आज केरलम् के कोच्चि में अखिल केरल धीवरा सभा के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने केरलम में 2018 की बाढ़ के दौरान मछुआरा समुदाय की भूमिका की सराहना की। अखिल केरल धीवरा सभा के कार्यों की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संगठन मछुआरा समुदाय के अधिकारों के लिए काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि संगठन ने जीवन और रोजगार तथा प्रगति और प्रकृति के बीच संतुलन का उदाहरण प्रस्तुत किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संगठन भारतीय दर्शन और विचार को जीता है क्योंकि धीवरा समुदाय महासागरों को अपनी ‘अम्मा’ (माता) मानता है। श्री मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा राज्य का नाम बदलकर केरलम रखने की मंजूरी के बाद केरल के नागरिकों को बधाई दी और कहा कि राज्य को अब उसका उचित नाम मिल गया है।
एलडीएफ और यूडीएफ पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने मछुआरा समुदाय की उपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि भाजपा-एनडीए सरकार ने मछुआरा समुदाय की क्षमता और नीली अर्थव्यवस्था में इसकी भूमिका को पहचाना है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने मत्स्य पालन के लिए एक अलग मंत्रालय बनाया है और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत केरलम् के लिए लगभग 1400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से केरलम् में मत्स्य पालन क्षेत्र तेजी से प्रगति कर रहा है।