जनवरी 20, 2026 8:12 पूर्वाह्न

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भारत और संयुक्त अरब अमीरात ने सीमा पार आतंकवाद सहित आतंकवाद के सभी प्ररूपों की निंदा की; द्विपक्षीय व्यापार को वर्ष 2032 तक दोगुना कर 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने पर सहमति व्यक्त की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संयुक्त अरब अमीरात-यू ए ई के राष्ट्रपति, शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच कल नई दिल्‍ली में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। इस दौरान, दोनों पक्षों ने सीमा पार आतंकवाद सहित आतंकवाद के सभी प्ररूपों की निंदा की। वार्ता के दौरान द्विपक्षीय व्‍यापार को वर्ष 2032 तक दोगुना करके 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने पर सहमति व्‍यक्‍त की। बैठक के दौरान, भारत और यू.ए.ई. के बीच रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में कई समझौतों पर भी हस्ताक्षर हुए। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में, विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी पर बुनियादी समझौते को अंतिम रूप देने के लिए हस्ताक्षर किए गए। उन्‍होंने बताया कि दोनों देशों ने एच.पी.सी.एल. इंडिया और एडनॉक गैस यू.ए.ई. के बीच तेल और गैस से जुड़े समझौते पर भी हस्ताक्षर किए। श्री मिसरी ने कहा कि भारत और यू.ए.ई ने भारत में एक सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर स्थापित करने पर भी सहमति व्‍यक्‍त की।
 
उन्‍होंने कहा कि गुजरात के धोलेरा में विशेष निवेश के लिए यू.ए.ई की भागीदारी के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, पायलट प्रशिक्षण विद्यालय, स्मार्ट टाउनशिप, रेल सम्‍पर्क और ऊर्जा अवसंरचना से संबंधित परियोजनाओं की शुरूआत की जाएगी। श्री मिसरी ने बताया कि संयुक्‍त अरब अमीरात के फर्स्ट अबू धाबी बैंक और डीपी वर्ल्ड, गुजरात में अपने कार्यालय खोलेंगे। उन्‍होंने कहा कि भारतीय कला और विरासत को संरक्षित करने के लिए अबू धाबी में हाउस ऑफ इंडिया की स्थापना की जाएगी।