केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में महिलाओं के सशक्तिकरण में व्यापक परिवर्तन हुआ है। इन वर्षों में अब तक सैनिक विद्यालयों और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रवेश जैसे अज्ञात क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी हुई है।
महिला भागीदारी के जरिये बिहार का विकास की थीम पर पटना में आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिलाओं की भागीदारी से आगे बढ़कर महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास का संकल्प लिया है।
उन्होंने कहा कि युद्धक्षेत्र में महिलाओं को कार्यभार सौंपना प्रधानमंत्री के दूरदर्शी दृष्टिकोण का परिचायक है।श्री सिंह ने कहा कि उनके मंत्रालय में महिला वैज्ञानिकों ने चन्द्रयान-3 और सूर्य के अध्ययन के लिए आदित्य मिशन का नेतृत्व किया।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद-सी. एस. आई. आर के 85 वर्ष के इतिहास में पहली बार एक महिला महानिदेशक की नियुक्ति की गई है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण लेने वाली साठ प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं।
श्री सिंह ने कहा कि स्व:सहायता समूह का प्रोत्साहन आश्चर्यजनक है। इस पहल के जरिये देश तीन करोड लखपति दीदियों के आंकडों को प्राप्त करने जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश में 1 लाख 70 हजार स्टार्ट्प्स का पचास प्रतिशत हिस्सा महिलाओं के नेतृत्व में छोटे शहरों से संचालित हो रहा है। इन स्टार्ट्प्स से लगभग 17 लाख रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं।
श्री सिंह ने पंचायती राज संस्थानों, शहरी स्थानीय निकायों और सरकारी नौकरियों में महिलाओं को रोजगार देने के लिए बिहार में नितिश सरकार के फैसलों की भी सराहना की। इसने बिहार में सम-आर्थिक परिदृश्य को बदल दिया है।