प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिली के बीच अब से कुछ देर बाद ब्यूनस आयरस में द्विपक्षीय वार्ता होगी। दोनों नेताओं के बीच पिछली बैठक नवम्बर 2024 में ब्राजील के रियो द जेनेरो में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। आज की द्विपक्षीय वार्ता में दोनों नेता आपसी सहयोग की प्रगति की समीक्षा करेंगे और रक्षा, कृषि, खनन तेल और गैस, नवीकरणीय ऊर्जा, व्यापार और निवेश तथा दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क जैसे विषयों पर भारत – अर्जेंटीना की साझेदारी मजबूत करने के उपायों पर विचार-विमर्श करेंगे।
प्रधानमंत्री ने अर्जेंटीना यात्रा की शुरूआत अर्जेंटीना के सम्मानित स्वतंत्रता सेनानी और राष्ट्रीय नायक जनरल जोज डी सैन की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। जनरल जोज डी सैन दक्षिण अमरीका की स्वतंत्रता के आंदोलन के प्रमुख नेता थे जिन्होंने अर्जेंटीना, चिली और पेरू को स्पेन के शासन से मुक्त कराया।
प्रधानमंत्री पांच देशों की अपनी यात्रा के क्रम में अर्जेंटीना में हैं। इस यात्रा का उद्देश्य ग्लोबल साउथ के साथ भारत का संपर्क मजबूत करना है। श्री मोदी 2018 में भी जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने अर्जेंटीना गये थे, लेकिन पिछले 57 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली द्विपक्षीय यात्रा है।
पांच देशों की यात्रा पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने अर्जेंटीना को लातिनी अमरीका में प्रमुख आर्थिक साझेदार और जी-20 का एक प्रगाढ़ सहयोगी बताया था। इससे पहले आज सवेरे प्रधानमंत्री त्रिनिदाद और टोबेगो से अर्जेंटीना की राजधानी पहुंचे। बयूनस आयरस पहुंचने पर भारतीय समुदाय के सदस्यों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। श्री मोदी के स्वागत के लिए कथक भरतनाट्यम और ओडिसी नृत्य प्रस्तुत किये गये। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारतीय समुदाय के उत्साह को देखकर वे अविभूत हैं कि किस प्रकार हजारों किलोमीटर दूर भारतीयों की आभा चमक रही है।
भारत और अर्जेंटीना के बीच अनेक क्षेत्रों में मजबूत संबंध है जो दशकों से प्रगाढ़ होते जा रहे हैं। 2024 में दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने पर आपसी संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर ले जाया गया। योग, आयुर्वेद और भारतीय दर्शन की लोकप्रियता ने दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संपर्क को भी बढाया है।