मार्च 3, 2026 9:27 अपराह्न

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की पर्यटन नीति समावेशी और संतुलित विकास पर आधारित: गजेंद्र सिंह शेखावत

संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज कहा कि भारत विजन 2047 के अंतर्गत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, टिकाऊ और समुदाय-केंद्रित पर्यटन स्थलों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

आईटीबी बर्लिन 2026 में संयुक्त राष्ट्र पर्यटन मंत्रियों के शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री शेखावत ने पर्यटन क्षेत्र में जिम्मेदार और समावेशी विकास के लिए भारत के रोडमैप को साझा किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत की पर्यटन नीति ‘जिम्मेदारी के साथ विकास’ के सिद्धांत पर आधारित है।

श्री शेखावत ने कहा कि पिछले एक दशक में, सरकार ने देश की समृद्ध विरासत और पारिस्थितिक तंत्रों की रक्षा करते हुए विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है।

उन्होंने बताया कि परिचालन हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर 160 से अधिक हो गई है, जिससे दूरस्थ और उभरते पर्यटन स्थलों से कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा कि उड़ान योजना ने क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया है, जबकि वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक रेल सेवाएं देश भर में एकीकृत पर्यटन सर्किट को मजबूत कर रही हैं।

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भारत पर्यटन को मजबूती, समावेशिता और साझा समृद्धि का साधन बनाए रखने के लिए वैश्विक समुदाय के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर है।

श्री शेखावत ने स्वदेश दर्शन और प्रसाद योजनाओं के अंतर्गत किए गए रणनीतिक निवेशों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को भी लाभ पहुंचाना है।