प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्यसभा में, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव का आज जवाब दे सकते हैं। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शून्य काल के दौरान कहा कि सभी सांसद प्रधानमंत्री का भाषण सुनना चाहते हैं, लेकिन अगर कांग्रेस पार्टी प्रधानमंत्री का भाषण नहीं सुनना चाहती, तो वह उसकी अपनी राय है। श्री रिजिजू ने कहा कि धन्यवाद प्रस्ताव का आज चौथा दिन है और सभी सांसदों से अपेक्षा की जाती है कि वे सदन में नियमों और परम्पराओं का पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी सांसद प्रधानमंत्री का भाषण सुनना चाहते हैं लेकिन कांग्रेस कैसे उन्हें सुनने से रोक सकती है।
श्री रिजिजू ने सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के इस आरोप को खारिज किया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी देश के हितों के बारे में बोलना चाहते थे लेकिन उन्हें धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने नहीं दिया गया। श्री रिजिजू ने कहा कि श्री गांधी, संसदीय नियमों का पालन नहीं कर रहे थे।
श्री मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि केवल राज्यसभा ही एकमात्र सदन नहीं है, बल्कि राज्यसभा और लोकसभा दोनों के साथ ही मिलकर संसद बनती है।
राज्यसभा में सदन के नेता और केंन्द्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने भी श्री खरगे के बयान पर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि लोकसभा से जुडे मामलों पर राज्यसभा में चर्चा नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार संसद में किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्षी सदस्य, कार्यवाही में बाधा डाल रहे हैं। विपक्षी सदस्यों द्वारा पूछे जाने पर श्री नड्डा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमरीका व्यापार समझौता पर बयान दिया है। श्री नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री, धन्यवाद प्रस्ताव पर कल लोकसभा में सवालों का जवाब देने के लिए तैयार थे लेकिन विपक्ष ने सदन की कार्यवाही चलने नहीं दी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने भी राज्यसभा में श्री खरगे के बयान पर आपत्ति व्यक्त की और इसे सदन की कार्यवाही से हटाने की मांग की। उन्होंने राजस्थान और केरल में कांग्रेस शासन के दौरान हिंसा की घटनाओं के मुद्दों को उठाया।