प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 बैठक में भाग लेने के लिए आज शाम इटली में अपूलिया के लिए रवाना हो गये।
रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने एक वक्तव्य में कहा कि उनकी सरकार भारत-इटली रणनीतिक भागीदारी और भारत-प्रशान्त तथा भूमध्यसागरीय क्षेत्र में सहयोग को सुद्दढ करने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री मोदी ने कहा कि वे इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के आमंत्रण पर जी-7 आउटरीच बैठक में भाग लेने के लिए इटली की यात्रा पर जा रहे है।
श्री मोदी ने कहा कि लगातार तीसरे कार्यकाल में जी-7 बैठक में भाग लेने के लिए इटली की अपनी पहली यात्रा से वह प्रसन्न हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल इटली की प्रधानमंत्री की भारत की दो यात्राओं से दोनों देशों के द्विपक्षीय संबधों को बढावा मिला है।
श्री मोदी ने कहा कि बैठक में विचार-विमर्श के दौरान उनका ध्यान कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऊर्जा, अफ्रीका और भूमध्यसागर क्षेत्र पर होगा। उन्होंने कहा कि यह भारत की अध्यक्षता में जी-20 और जी-7 बैठक के परिणामों के बीच सामंजस्य बनाने और दक्षिण विश्व के मुद्दों पर चर्चा करने का अच्छा अवसर होगा। श्री मोदी ने कहा कि वे जी-7 के बैठक में भाग ले रहे अन्य नेताओं के साथ बातचीत करने के लिए उत्सुक है।