प्रदेश के सभी जिलों में गुरुकुल पद्धति पर आधारित संस्कृत विद्यालय खोले जाएंगे। इसके लिए संस्कृत विभाग ठोस प्रस्ताव तैयार कर शासन को सौंपेगा। इसके साथ ही आश्रम पद्धति के तर्ज पर दूरस्थ क्षेत्रों में आवासीय संस्कृत विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। संस्कृत महाविद्यालयों के सही वर्गीकरण और शिक्षकों को समय पर पदोन्नति देने के लिए अधिनियम-2023 में संशोधन किया जाएगा। संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर विभागीय समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संस्कृत को जन-जन की भाषा बनाने के लिए पिछड़े विकासखंडों में भी आश्रम पद्धति आधारित विद्यालयों की स्थापना के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि, संस्कृत विश्वविद्यालय में कुलसचिव की नियुक्ति, बीएड पाठ्यक्रम और परीक्षा भवन निर्माण जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
Site Admin | जुलाई 3, 2025 9:49 पूर्वाह्न
प्रदेश के सभी जिलों में गुरुकुल पद्धति पर आधारित संस्कृत विद्यालय खुलेंगे