जुलाई 8, 2024 8:27 अपराह्न

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प्रदेश की पांच नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं

प्रदेश में रूक-रूक कर हो रही बारिश और अलग-अलग बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण प्रदेश की पांच नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। केन्द्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक गंगा नदी बदायूं, शारदा लखीमपुर खीरी, राप्ती श्रावस्ती और बलरामपुर, बूढ़ी राप्ती सिद्धार्थनगर और क्वानो गोण्डा में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। शारदा और क्वानो नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। वहीं अन्य नदियों का जलस्तर स्थिर बताया जा रहा है। इसके अलावा सरयू, घाघरा और गंडक नदी भी खतरे के निशान से महज आधा मीटर नीचे बह रही हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से पलिया तहसील क्षेत्र में खीरी-पीलीभीत बॉर्डर पर बसे गोविंद नगर गांव में पानी पहुंच गया है। एसडीएम कार्तिकेय सिंह ने गांव में फंसे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है। सदर तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र बड़ागांव, धोबियाना और सिंधिया में एसडीएम सदर अश्विनी कुमार सिंह और तहसीलदार सुशील प्रताप सिंह ने दौरा किया और लेखपाल को बाढ़ से प्रभावित फसल और घर का सर्वे करने के निर्देश दिए।
 
अयोध्या में सरयू का जल स्तर प्रति घंटे एक सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। जनपद के तटीय क्षेत्रों में प्रशासन ने सतर्कता बरतना शुरू कर दिया है।
बस्ती जिले में नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद घाघरा का जलस्तर बढ़ने से दर्जनों गांवों में फसल जलमग्न हो गई है। घाघरा नदी प्रति घंटे एक सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रही है। बाढ़ खण्ड के अधिकारी बांधां पर कैंप किए हुए हैं। साथ ही बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है।
भारी बारिश और बिजनौर बैराज से एक लाख 34 हज़ार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से अमरोहा में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जिससे आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। शीशोवाली गांव के निकट कच्चा बांध बह जाने से 5 गावों का संपर्क टूट गया है। ज़िला प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पीलीभीत में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से जनपद में सड़कें और रेल ट्रैक क्षतिग्रस्त होने से आवागमन बाधित हुआ है। गावों से लेकर शहर, कस्बों तक जल भराव हुआ है। जिले में आठवीं तक के स्कूल आज बंद रहे। 
भारी बरसात और बैराजों से काफी अधिक पानी छोड़े जाने से पीलीभीत शहर और ट्रांस शारदा क्षेत्र में कई गांवों में जलभराव हो गया और लोग निचली बस्तियों में फंस गए। पुलिस ने एनडीआरएफ और एसएसबी की मदद से संयुक्त अभियान चलाकर हजारा क्षेत्र से 257 और रामनगरा से एक हजार दो सौ लोगों को रेस्क्यू करके सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। पुलिस द्वारा पीड़ितों को खाद्य सामग्री वितरित की गई और मुनादी कराकर लोगों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की अपील की गई। बाढ़ से घर, फसलों और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। कई मार्गों पर आवागमन ठप है। संचार और विद्युत व्यवस्था भी चरमरा गई है। पीलीभीत शाहगढ़ रेल प्रखंड पर पुल बह जाने से पीलीभीत-लखनऊ रूट की सभी ट्रेनें निरस्त कर दी गईं जबकि कई जगह रेल ट्रैक व पुलों पर पानी बढ़ने से टनकपुर रूट की पांच एक्सप्रेस और 3 सवारी गाड़ियां निरस्त कर दी गईं।
 
 
प्रदेश में बीते 24 घंटों में सर्वाधिक 112 दशमलव चार मिलीमीटर बारिश लखीमपुर खीरी में दर्ज की गई है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश के पूर्वी और कुछ पश्चिमी इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। विभाग की ओर से बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा बलरामपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर, महराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर और देवरिया में कल बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।