लक्षद्वीप के कवरत्ती द्वीप में अपनी तरह का पहला एकीकृत संयंत्र स्थापित किया जा रहा है: पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह

पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज कहा कि लक्षद्वीप के कवरत्ती द्वीप में अपनी तरह का पहला एकीकृत संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि यह संयंत्र समुद्री जल को पीने योग्य पानी में परिवर्तित करने और बिजली उत्पन्न करने के लिए बनाया गया है। श्री सिंह ने कवरत्ती द्वीप पर भारत के पहले महासागरीय तापीय ऊर्जा रूपांतरण-ओटीईसी संचालित विलवणीकरण संयंत्र की प्रगति समीक्षा के बाद ये बातें कहीं। आकाशवाणी समाचार से बात करते हुए उन्होंने बताया कि यह पायलट परियोजना प्रतिदिन लगभग एक लाख लीटर पीने का पानी उपलब्ध कराएगी, साथ ही 60 किलोवाट बिजली का उत्पादन भी करेगी।
यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि लक्षद्वीप वर्तमान में बिजली के लिए पूरी तरह से डीजल जनरेटर सेट पर निर्भर है। ओटीईसी द्वारा संचालित विलवणीकरण संयंत्र समुद्र के प्राकृतिक तापीय प्रवणता का उपयोग करके एक स्वच्छ विकल्प प्रदान करता है। इससे बिजली और मीठा पानी एक साथ उत्पन्न होते हैं। उत्पादित बिजली विलवणीकरण प्रणाली को पूरी तरह से संचालित करेगी, जिससे संयंत्र आत्मनिर्भर और डीजल या ग्रिड आपूर्ति से स्वतंत्र हो जाएगा।