जनवरी 14, 2026 6:52 अपराह्न

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पूर्व सैनिक राष्ट्रीय चेतना के जीवंत स्तंभ, भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत: रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिक राष्ट्रीय चेतना के जीवंत स्तंभ, सामूहिक साहस के प्रतीक और भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। श्री सिंह ने आज नई दिल्ली में सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में यह बात कही। उन्‍होंने कहा कि पूर्व सैनिक राष्ट्र निर्माण के हर मोर्चे पर योगदान देते हैं। श्री सिंह ने जोर देकर कहा कि उनकी वर्दी का रंग और कार्यस्थल भले ही बदल जाए, लेकिन देशभक्ति और सेवा की भावना हमेशा एक जैसी रहती है।

रक्षा मंत्री ने पूर्व सैनिकों से आग्रह किया कि वे अपने अनुभवों के माध्यम से युवाओं, अग्निवीरों और युवा सैनिकों का मार्गदर्शन करें। श्री सिंह ने यह भी आग्रह किया  कि आवश्यकता पड़ने पर वे आपात स्थितियों में नागरिक प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहें। उन्‍होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा, कौशल विकास और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में पूर्व सैनिकों की भागीदारी से भावी पीढ़ियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

श्री सिंह ने पूर्व सैनिकों के जीवन को गरिमापूर्ण, सुरक्षित और आत्मसंतुष्ट बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्‍होंने बताया कि सरकार पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना को लगातार मजबूत कर रही है। साथ ही, वन रैंक वन पेंशन की लंबे समय से चली आ रही पूर्व सैनिकों की मांग को भी पूरा कर दिया गया है।

इस अवसर पर श्री सिंह ने श्रीलंका में शांति स्थापना के उद्देश्य से चलाए गए ऑपरेशन पवन में भाग लेने वाले वीर पूर्व सैनिकों को याद किया। उन्होंने कहा कि लगभग 40 वर्ष पूर्व इस अभियान के दौरान भारतीय सेना ने असाधारण साहस का प्रदर्शन किया, लेकिन उनके शौर्य, बलिदान और संघर्ष को वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे।

श्री सिंह ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ऑपरेशन पवन में भाग लेने वाले शांति सैनिकों के योगदान को खुले तौर पर स्वीकार कर रही है और हर स्तर पर उनके योगदान को मान्यता देने की प्रक्रिया में है।